MNRE solar subsidy scheme 2021-22 @ solarrooftop.gov.in | Solar rooftop price

MNRE solar subsidy scheme 2021-22:- अगर आप बढ़ते बिजली के बिल से परेशान है तो इस पर सौर ऊर्जा उपकरण की सहायता से लगाम लगाया जा सकता है। घरों की छत पर अगर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाए तो बिजली बिल पर लगाम लग सकती है। सोलर ऊर्जा से बिजली का उत्पादन करने के लिए राजस्थान सरकार ने रूफटॉप सोलर पावर जनरेशन स्कीम लांच की है। इस दौरान राज्य में कुल 45 मेगावाट क्षमता सौर सयंत्र घरो की छत पर लगाने की मुहीम  शुरू की है। इसका श्रेय केंद्र सरकार को जाता है, तथा इस योजना पर लगने वाला व्यय भी केंद्र सरकार  वहन करेगी। इसके लिए सरकार ने 60 कंपनियों को अधिकृत किया है। योजना में सोलर सयंत्र लगाने के लिए किसी भी प्रकार के सरकारी भवन, संस्थाए, निजी वाणिज्यिक और औधोगिक क्षेत्र के भवन इस योजना में शामिल नहीं होंगे। आज की इस पोस्ट में हम आपको इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देने जा रहे है यदि आप भी इस योजना को अपनाने के इच्छुक है तो आप इस लेख को पूरा पढ़े।

MNRE solar subsidy scheme

सोलर रूफ टॉप योजना 2021-रूफटॉप सोलर योजना के लाभ

बिजली के बिल में कमी लाना।

ग्रिड में जाने वाली अतिरिक्त ऊर्जा का डिस्कॉम की ओर से बिल में समायोजन या भुगतान।

भवनों की छत पर खाली जगह का सही उपयोग।

जन सहभागिता को सौर ऊर्जा उत्पादन में बढ़ावा देना।

प्रदूषण में कमी लाना।

बिजली वोल्टेज में सुधार।

MNRE solar subsidy scheme Specification

कंजूमर की ओर से स्वीकृत विधुत-भार (Electric current) का अधिकतम 80% क्षमता का रूफटॉप सौर ऊर्जा सयंत्र डिस्कॉम द्वारा एनओसी जारी करने के बाद स्थापित किया जा सकता है।

रूफटॉप सयंत्र (Rooftop Plant) द्वारा निष्काषित ऊर्जा में से ग्रिड में प्रवाहित ऊर्जा का समायोजन उपभोक्ता के बिजली बिल में किया जाता है।

ग्रिड में प्रवाहित नेट अतिरिक्त ऊर्जा का भुगतान यदि यह ऊर्जा 100 यूनिट से अधिक है तो वितरण निगम की ओर से 3.14 रूपये प्रति यूनिट की दर से केवल घेरलू क्षेत्र के ग्राहको को किया जाता है।

नेट अतिरिक्त ऊर्जा 100 यूनिट से कम होने पर यह ऊर्जा आगामी बिजली बिल में समायोजित की जाती है।

रूफटॉप सयंत्र के प्रमुख बिंदु (Important Points)

1 किलोवाट युक्त के सिस्टम छाया रहित क्षेत्र-                          100 वर्ग फ़ीट

प्रतिदान उत्पादन-                                             4 यूनिट

सयंत्र की औसत आयु-                                         लागत की वसूली

लागत की वसूली-                                             25 वर्ष

MNRE solar subsidy scheme 2021 highlights

पात्र लाभार्थीसयंत्र क्षमता देय अनुदानदेय अनुदान
सभी प्रकार के आवासीय घर1 किलोवाट से 3 किलोवाट तक   3 किलोवाट से अधिक और 10 किलोवाट तकलागत का 40% अनुदान   3 किलोवाट तक लागत का 40% और 3 किलोवाट से 10 किलोवाट तक लागत का 20%                                                                                                                                           
Group Housing Society /                                    resident welfare society में सामान्य सुविधा500 किलोवाट तक (10 किलोवाट प्रति आवास)लागत का 20%
                                                                                                                                                                                                                                                   सोलर सिस्टम लगाने के तरीके

1 किलोवाट से एक मेगा वाट का सोलर सिस्टम लगता है।

1 किलोवाट के सिस्टम के लिए न्यूनतम 10 स्क्वायर मीटर जगह की आवश्यकता होती है।

4 यूनिट बिजली प्रति किलोवाट सामान्यत: बनती है।

इस सोलर प्लांट की आयु करीब 25 वर्ष तक होती है।

30 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है।

1 किलोवाट से पैदा होगी 5 यूनिट बिजली

सौर ऊर्जा पैनल के माध्यम से 1 से लेकर 10 किलोवॉट तक का प्लांट लगाया जा सकता है। एक किलोवॉट का प्लांट रोजाना 5 यूनिट बिजली पैदा करता है। घर पर सौर ऊर्जा का उत्पादन कर विधुत बचाने और पैसा कमाने के लिए छत पर कम से कम 10 फीट की जगह होनी चाहिए। वहीं अगर घर पर छत नहीं है तो आस पास स्थित खाली प्लॉट पर भी इसे लगाया जा सकता है। घर की छत पर सौर ऊर्जा पावर प्लांट लगाकर बिजली पैदा करने वाले लोगों को केंद्र सरकार 70% सब्सिडी देगी। बता दें कि छत पर 1 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगाने के इच्छुक लोगों को केवल 24 हजार रुपये खर्च करने होंगे। बाकी राशि का खर्च नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय उठाएगा। ये प्रोजेक्ट हिम ऊर्जा के माध्यम से लगाए जाएंगे।

बता दें कि एमएनआरई योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने के इच्छुक आवासीय उपभोक्ता ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और सूचीबद्ध विक्रेताओं द्वारा रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करवा सकते हैं। इसके लिए, उन्हें विक्रेता को निर्धारित दर में मंत्रालय की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी राशि को घटाकर रूफटॉप सोलर संयंत्र की लागत चुकानी होगी। यह प्रक्रिया डिस्कॉम के online poratl पर उपलब्ध है। डिस्कॉम के माध्यम से मंत्रालय द्वारा विक्रेताओं को सब्सिडी राशि प्रदान की जाएगी। घरेलू उपभोक्ताओं को सूचित किया जाता है कि मंत्रालय की योजना के तहत सब्सिडी प्राप्त करने के लिए, उन्हें डिस्कॉम द्वारा सूचीबद्ध विक्रेताओं से छत पर सौर संयंत्र स्थापित करने चाहिए और इसके लिए उपयुक्त प्रक्रिया का पालन करते हुए डिस्कॉम से अनुमोदन भी प्राप्त करना चाहिए।

MNRE solar subsidy scheme आवेदन के लिए दस्तावेज-

आधार कार्ड

वोटर आईडी

बैंक पासबुक

पासपोर्ट साइज फोटो

जिस एरिया में सोलर लगाना है उसका दस्तावेज

सोलर पेनल योजना के ऑनलाइन आवेदन की प्रिक्रिया

सबसे पहले आप https://solarrooftop.gov.in/login पे क्लिक करे। 

इसके बाद आप अपना State सेलेक्ट करे।

जिसके बाद कस्टमर केटेगरी सेलेक्ट करे अगर घर के लिए Solar Penal चाहते है EGSIDENTIAL सेलेक्ट करे

इसके बाद आप अपना बजट सेट करे और Calculate करे

अब आपको कितनी कीमत चुकानी होगी पता चल जायगा इसके बाद आवेदन करे

Apply online for solar rooftop Scheme 2021

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