सुप्रीम कोर्ट का केंद्र सरकार से सवाल- डेथ सर्टिफिकेट पर कोरोना क्यों नहीं लिखते, 10 दिन में मांगा जवाब

Covid-19:- उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) में सोमवार को कोरोना (Covid-19)  से होने वाली मौतों पर मुआवजे की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि Death certificate पर Covid का जिक्र ही नहीं हो रहा है, ऐसे में आप कैसे पहचानेंगे कि किस परिवार को मुआवजा मिलना चाहिए?

जस्टिस एमआर शाह ने कहा कि मैं अपने निजी अनुभव से कह रहा हूं कि जब कोई व्यक्ति कोरोना (Covid 19) की वजह से हॉस्पिटल में एडमिट होता है और उसकी मौत हो जाती है तो उसके Death certificate में ये नहीं लिखा होता कि इसकी मौत Covid-19 की वजह से हुई है। इसमें फेफड़ों में संक्रमण या दिल की समस्या बताया जाता है। उनके परिवार वालों को जानकारी ही नहीं होती।”

Covid-19

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उन्होंने कहा कि अगर Death certificate में Covid-19 का जिक्र ही नहीं रहेगा तो आंकड़े भी कम दिखाये जायेंगे और लोगों को लगेगा कि सब ठीक है।” जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एमआर शाह की बेंच ने केंद्र सरकार से पूछा है कि क्या Covid-19 से होने वाली मौतों पर मुआवजे को लेकर या death certificate को लेकर कोई कॉमन guidelines हैं?

बेंच ने पूछा कि मौत का कारण सांस लेने में दिक्कत या दिल फेल होना बताया जा रहा है। यदि मुआवजे को लेकर योजना होगी भी तो आप लाभार्थी की पहचान कैसे करेंगे? क्या death certificate को लेकर कोई common policy है? क्या मृत्यु प्रमाण पत्र पर ये नहीं लिखा होना चाहिए कि मौत covid की वजह से हुई है?”

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दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिसमें मांग है कि जिन लोगों की कोरोना से मौत हुई है, उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाये।

साल 2015 की केंद्र सरकार की एक योजना थी, जिसमें कहा गया था कि अगर किसी Notified बीमारी या आपदा से किसी की मृत्यु होती है तो उसकी फैमिली को 4 लाख रुपये मुआवजा दिया जायेगा। ये योजना पिछले वर्ष खत्म हो चुकी है।

एक याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि केंद्र सरकार की इस योजना को आगे बढ़ाया जाये और Covid 19 के लिए भी लागू किया जाये। कोरोना को एक नोटिफाइड बीमारी और आपदा, दोनों घोषित किया जा चुका है। यदि योजना को 2020 से आगे बढ़ाया जाता है तो उन हजारों परिवार को फायदा होगा, जिनके कमाने वालों की कोरोना से मौत हुई है।

सुप्रीम कोर्ट ने मुआवजे को लेकर केंद्र सरकार से 10 दिन के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा है। साथ ही इस बात पर भी जवाब मांगा है कि क्या डेथ सर्टिफिकेट को लेकर आईसीएमआर की कोई गाइडलाइंस हैं। अब इस मामले में अगली सुनवाई 11 जून को होगी।

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