ब्लैक फंगस के लक्षण, बचाव और कारण सब कुछ जानिए

ब्लैक फंगस:- कोविड के साथ-साथ पूरे भारत में, ‘ब्लैक फंगस संक्रमण ने भी लोगों को आकर्षित किया है। ‘ब्लैक फंगस’ या ‘म्यूकोर्मिकोसिस’ के रूप में भी जाना जाता है, यह एक दुर्लभ प्रकार का फंगल संक्रमण है। अमेरिका के सीडीसी के मुताबिक, म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस एक दुर्लभ फंगल इंफेक्शन है। लेकिन ये गंभीर इंफेक्शन है, जो मोल्ड्स या फंगी के एक समूह की वजह से होता है। ये मोल्ड्स पूरे पर्यावरण में जीवित रहते हैं। ये Sinus or lungs को प्रभावित करता है।

black fungus

‘ब्लैक फंगस के लक्षण क्या हैं?

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के अनुसार कुछ शुरुआती लक्षण- “चेहरे के एक तरफ Sinus दर्द या नाक में रुकावट, एकतरफा सिरदर्द, सूजन या सुन्नता, दांत दर्द और दांतों का ढीला होना

धुंधली दृष्टि

मलिनकिरण या नाक और गालों पर ऊतक का काला पड़ना

मुंह के अंदर काले घाव या नाक से निर्वहन

नाक का बंद होना

सिरदर्द या आंखों में दर्द

आंखे लाल होना, आंखों की रोशनी जाना, सूजन आना आंखों के आसपास, आंख खोलने और बंद करने में परेशानी महसूस करना

चेहरे में झुरझुरी महसूस करना

मुंह खोलने/चबाने में परेशानी होना

ब्लैक फंगस के लक्षण केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सिंह ने ट्वीट कर बताया-

आंखों में लालपन या दर्द, बुखार, खांसी, सिरदर्द, सांस में तकलीफ, साफ-साफ दिखाई नहीं देना, उल्टी में खून आना या मानसिक स्थिति में बदलाव

‘ब्लैक फंगस’ या ‘म्यूकोर्मिकोसिस’ क्या है-

म्यूकोरमाइकोसिस आंखों की बीमारी है, जिसका शिकार होने पर रोगी की आंखों की रोशनी तक जा सकती है। ICMR के अनुसार यह बीमारी बॉडी में बहुत तेजी से फैलती है और बॉडी के कई अंगों पर असर डाल सकती है। यह बीमारी म्यूकोर्मिसेट्स नामक सूक्ष्म जीवों के एक समूह के कारण होती है, जो पर्यावरण में प्राकृतिक रूप से मौजूद होते हैं, और ज्यादातर मिट्टी में तथा पत्तियों, खाद एवं ढेरों जैसे कार्बनिक पदार्थों के क्षय में पाए जाते हैं।

किस तरह के लोगों को ज्यादा खतरा होता है?

चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, मधुमेह के रोगी म्यूकोर्मिकोसिस जैसे फंगल संक्रमणों की चपेट में सबसे अधिक आते हैं। जो हाल ही में कोविड से ठीक हुए हैं।

कोविड रोगियों के लिए विशेष देखभाल की आवश्यकता है जो मधुमेह के रोगी भी हैं। आईसीएमआर का कहना है कि मधुमेह को नियंत्रित करना इस बीमारी से बचाव के सर्वोत्तम उपायों में से एक है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि यह बीमारी उन लोगों में प्रमुख रूप से देखी जा रही है जो कोविड से उबर चुके हैं या ठीक हो रहे हैं। उपचार के बिना, यह घातक रक्तप्रवाह संक्रमण का कारण बन सकता है।

अन्य कम रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) वाली स्थितियां ( जैसे एड्स, कैंसर, किडनी या लिवर ट्रांसप्लांट और कुछ दवाइयां )

बचाव के तरीके-

ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखना

मास्क का उपयोग

चिकित्सक के निर्देशानुसार कोरोना के इलाज में स्टेरॉयड का उचित उपयोग

ऑक्सीजन ह्यूमिडिफायर में साफ़ पानी का उपयोग करें और पानी प्रतिदिन बदलें

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