रोटावायरस टीका वैक्सीन का शुभारम्भ

अल्मोड़ा। नवजात शिशुओं को डायरिया से बचाने के लिए जनपद में आज रोटावायरस टीका वैक्सीन का शुभारम्भ जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने महिला चिकित्सालय अल्मोड़ा में रोटावायरस टीका वैक्सीन पिलाकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। रोटावायरस टीका कार्यक्रम के शुभारम्भ के अवसर पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि डायरिया के कारण देश में हजारों शिशुओं की अकाल मृत्यु होती है।

जिसके लिए बच्चों को इस जानलेवा वायरस से बचाने के लिए रोटावायरस टीका तैयार किया गया है, जो शिशुओं को डायरिया तथा अन्य बीमारियों से भी बचायेगा तथा रोटावायरस वैक्सीन पिलाने से शिशुओं के मृत्युदर में भी कमी आयेगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वह अपने बच्चों को रोटावायरस टीका अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र, ए.एन.एम.सेंटर जहॉ बच्चों का टीकाकरण किया जाता है उन केन्द्रों में जाकर अवश्य पिलाये।

उन्होंने कहा कि बच्चों में इस टीके की शुरूआत पैदा होने के 6 सप्ताह, 10 सप्ताह एवं 14 सप्ताह के शिशुओं को रोटावायरस वैक्सीन की 05-05 बूंदे पिलाई जायेगी। उन्होंने उप मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये है कि इस कार्यक्रम का जनपद में सफल क्रियान्वयन के लिए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करायें ताकि सभी अभिभावक जागरूक होकर अपने बच्चों को रोटावायरस वैक्सीन को अवश्य पिलायेंगे।

उन्होंने इस कार्यक्रम को शुरू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को बधाई देते हुए कहा कि जनपद का कोई भी बच्चा इस दवा पीने से वंचित न रहे, इसके लिए सभी ए.एन.एम. एवं आशा कार्यकत्री अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए सभी नवजात शिशुओं को रोटावायरस टीका वैक्सीन अवश्यक पिलाये। इसके लिए उन्होंने उप मुख्य चिकित्साधिकारी को उनकी जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिये है।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 विनीता शाह ने कहा कि प्रतिरक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत रोटावायरस वैक्सीन शिशुओं में इस टीके की शुरूआत पैदा होने के छठे हफ्ते में इस टीके की 5 बूंदे पिलाई जायेगी इसके बाद 10वें हफ्ते में टीके की 05-05 बूंदे पिलाई जायेगी। टीकाकरण होने से बच्चे रोटावायरस दस्त से संक्रमित नहीं होंगे, इस टीकाकरण से 0-5 वर्ष तक के बच्चों में होने वाले मृत्यु दर में भी काफी कमी आयेगी।

उन्होंने बताया कि कुपोषित बच्चों में यदि इलाज तुरन्त एवं पर्याप्त रूप से न कराया जाय तो दस्त गंम्भीर रूप ले सकता है जिससे बच्चे की मृत्यु हो सकती है। आमतौर पर रोटा वायरस एक बच्चे से दूसरे बच्चे में दूषित पानी, दूषित खाने एवं दूषित हाथों के संपर्क में आने से फैलता है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 ए0के0 सिंह ने रोटावायरस वैक्सीन के बारे में विस्तृत रूप से बताया और कहा कि जनपद के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों व ए.एन.एम. सेंटरों में रोटावायरस टीका की दवा सभी बच्चों को पिलाई जायेगी।

जिसके लिए सभी ए.एन.एम./आशा कार्यकत्रियों को इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक सफल बनाने के लिए जिम्मेदारी तय की गयी है। उन्होंने बताया कि रोटावायरस एक अत्यधिक संक्र्रामक वायरस है जो बच्चों में दस्त का सबसे बड़ा कारण है। यही कारण है कि भारतवर्ष में प्रतिवर्ष लगभग 32.7 लाख बच्चे डायरिया से ग्रसित होकर अस्पताल में दिखाने आते हैं इनमें से 78 हजार बच्चों की मृत्यु हो जाती है।

इस अवसर पर प्रमुख अधीक्षक जिला चिकित्सालय प्रकाश वर्मा, अपर मुख्य चिकित्याधिकारी डा0 सविता ह्यांकी, डा0 दीपक गब्र्याल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला चिकित्सालय डा0 प्रीति पंत डा0 बी0 बी0 जोशी, इन्द्र सिंह, कैलाश भगत, दीपक भट्ट, श्रीमती इन्द्रा तिवारी, श्रीमती जानकी, मोहित पाण्डेय, कु0 सादिया अजमल, सुन्दर जीना, सतीश चन्द्र सती सहित चिकित्सा अधिकारी व स्वास्थ्य से जुड़े कर्मचारी उपस्थित थे।

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