तलवारें तड़प रही

रीना गोयल ( हरियाणा)

चिंगारी बदले की दिल में ,शोला बनकर भड़क रही ।
नष्ट समूल पाक को करना ,ऐसी ज्वाला धधक रही ।

रोष भरा भारतवासी में ,हमले की तैयारी है ।
हो प्रतिकार सभी ज़ख्मों का ,बहुत हुई लाचारी है ।

लहू तुम्हारा पीने हेतु ,अब तलवारें तड़प रही ।
नष्ट समूल पाक को करना ,ऐसी ज्वाला धधक रही ।

सीने पर अब नहीं तिरंगा ,घाटी में लहराएगा ।
अब दुश्मन आगे आएगा ,सीधे मारा जाएगा ।
आर- पार करने को हर सैनिक की छाती फड़क रही ।
नष्ट समूल पाक को करना ,ऐसी ज्वाला धधक रही ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *